1."निरंतर अभ्यास करते रहने से ही मनुष्य में निखार आता है"
जीवन में अभ्यास का बहुत महत्व है निरंतर अभ्यास करना जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ने की निशानी है। विद्यार्थी निरंतर अभ्यास करते रहने से ही परीक्षा में उज्जवल सफलता प्राप्त करते हैं। सैनिक नियम से यह परेड करते रहने से स्वास्थ्य-चुस्त रहते हैं और युद्ध के समय दुश्मन के दांत खट्टे करते हैं। अखाड़े में कुश्ती लड़ने का अभ्यास करने वाले छोटे-मोटे पहलवान भी निरंतर कुश्ती का अभ्यास करते रहने से एक दिन नामी पहलवान बनकर अच्छे-अच्छे पहलवानों को पछाड़ देते हैं। कमजोर से कमजोर विद्यार्थी भी निरंतर अभ्यास करने पर अच्छे अंक प्राप्त करते पाए जाते हैं। पशुओं को सिखा कर उनसे मनचाहा काम लिया जाता है। अभ्यास से ही बैल हल खींचते हैं और घोड़े, सवारी के काम लायक बनाए जाते हैं। इसीलिए अभ्यास के बारे में 'करत करत अभ्यास के, जड़ मति होत सुजान। रसरी आवत - जात से सिल पर परत निशान' कहावत कही जाती है।
2."सफलता मिलने पर मिलने वाली बधाइयों का प्रभाव"
जीवन में सफलता मिलना बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे अवसर जीवन में बहुत कम आते हैं सफलता मिलना कठिन परिश्रम का पुरस्कार होता है। इसमें सफल होने वाले व्यक्ति का मनोबल बढ़ाता है। उसे और परिश्रम करने तथा और अधिक आगे बढ़ने का हौसला मिलता है।
ऐसे समय में हीतैषियो और मित्रों की बधाई मिलना उनके लिए बड़े काम का होता है। इससे उनका उत्साह दुगुना हो जाता है। उसे और भी कुछ नया कर गुजरने का उत्साह मिलता है। इस प्रकार का उत्साह उसके प्रयास में बहुत सहायक होता है। यहां उनके लिए एक तरह 'मोरल सपोर्ट' का काम करता है।
बधाइयां किसी द्वारा किए गए सूझ-बूझ और कठिन परिश्रम के परिणाम स्वरूप प्राप्त सफलता की प्रशंसा के रूप में होती है। इसीलिए हमें ऐसे अवसर पर बधाइयां देने में नहीं चूकना चाहिए।
3."समाचार लेखन के बारे में अपने विचार"
समाचारपत्रों में समाचार लेखन का बड़ा महत्व होता है। देश में नित्य प्रति नई-नई अच्छी बुरी घटनाएं घटती रहती है। एक ही घटना को अलग-अलग समाचार पत्रों में अपने-अपने ढंग से लिखा जाता है। पाठक किसी अखबार में छपी इस घटना के बारे में देखकर अखबार पटक देता है। तो किसी अखबार में छपी उसी घटना को पूरी पूरी पढ़ जाता है। ऐसा रोचक घटना में समाचार पत्रों को लिखे जाने के कारण होता है। समाचार लिखना एक कला है। अनुभवी पत्रकार समाचार पत्र कुछ ऐसा प्रकाशित दिखते हैं जो पाठक को बांधकर रखता है। वह पाठक की नस नस से परिचित होते हैं। उन्हें पता होता है कि पाठक कम समय में और क्रमवार किसी घटना के बारे में रोचक ढंग से जान लेना चाहता है। अच्छा पत्रकार समाचार को इन बातों को ध्यान में रखकर लिखता है।
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