Thursday, 24 March 2022

"अपना काम खुद करो" अथवा "श्रम से संपत्ति" short story

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[ रूपरेखा- एक बड़ा जमदार बहुत से नौकर-चाकर खेती की आमदनी का न बढ़ना- मित्र की सलाह- 'सुबह खेत की सैर करो'- कुछ नौकर गायब, कुछ चीजें गायब- आँखें खुलना खुद काम में लग जाना- रोज देखभाल-सभी में उत्साह- आमदनी बढ़ना सीख]


अपना काम खुद करो अथवा श्रम से संपत्ति

"अपना काम खुद करो" अथवा "श्रम से संपत्ति"


कनकपुर में एक बड़ा जमींदार रहता था। उसके पास बहुत जमीन, जायदाद और कई नौकर-चाकर थे। उसके अनेक खेत थे और उनमें कई नौकर-चाकर खेती के काम में लगे हुए थे, फिर भी उसमें सदा घाटा रहता था।


एक दिन जमींदार का एक मित्र उसके घर आया भोजन के बाद दोनों मित्र गपशप लगाते हुए बैठे थे। जमींदार के चिंतित मुख को देखकर मित्र ने उसका कारण पूछा। जमींदीर ने सारा हाल कह सुनाया। तब उस मित्र ने जमदार से कहा, "हररोज सुबह खेत को सैर करो। तुम्हारी आमदनी अवश्य बढ़ जाएगी। "


जमींदार की समझ में यह नहीं आया कि सैर करने से आमदनी कैसे बढ़ेगी ? फिर भी उसने मित्र की सलाह मान ली। दूसरे दिन सुबह खेत पर पहुँचा तो उसने देखा कि कुछ नौकर गायब हैं और कुछ बैठे-बैठे ताश खेल रहे हैं। खेती के कई औजार भी गायब थे। यह हाल देखकर सारी बात जमींदार की समझ में आ गई। उस दिन से वह रोज अपने खेतों पर जाने लगा और खुद भी नौकरों के साथ-साथ काम करने लगा। 

अब सभी नौकर ठीक से काम करने लगे। कम समय में अधिक काम होने लगा। जमींदार की आमदनी धीरे-धीरे बढ़ने लगी।


सीख- स्वयं पसीना बहाए बिना लाभ की आशा रखना व्यर्थ है। अपना कारोबार नौकरों के भरोसे कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

Tuesday, 15 March 2022

"A Spider Shows The Way" short story.


    King Bruce of Scotland was defected in a battle. He was wounded and had to hide in a cave. He was quite depressed and ever lost the will to live. He was even thinking of giving up the fight altogether.
A Spider Shows The Way" short story.

    As King Bruce lay in the cave, he saw a spider degloving from the roof. It was trying to weave a web, but had fallen. slowly it climbed up and tried again, but fell again. This happened six times. Finally the spider manage to reach it web on the roof. King Bruce was amazed.If such a solve creature of a nature would try again and again and finally reach it web, why not he?, the king thought.

    The king determine to fight again and regain his lost kingdom.

Wednesday, 2 March 2022

निरंतर अभ्यास करते रहने से मनुष्य में निखार आता है, सफलता मिलने पर मिलने वाले बधाई का प्रभाव और समाचार लेखन के बारे में अपने विचार।

 1."निरंतर अभ्यास करते रहने से ही मनुष्य में निखार आता है"


   जीवन में अभ्यास का बहुत महत्व है निरंतर अभ्यास करना जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ने की निशानी है। विद्यार्थी निरंतर अभ्यास करते रहने से ही परीक्षा में उज्जवल सफलता प्राप्त करते हैं। सैनिक नियम से यह परेड करते रहने से स्वास्थ्य-चुस्त रहते हैं और युद्ध के समय दुश्मन के दांत खट्टे करते हैं। अखाड़े में कुश्ती लड़ने का अभ्यास करने वाले छोटे-मोटे पहलवान भी निरंतर कुश्ती का अभ्यास करते रहने से एक दिन नामी पहलवान बनकर अच्छे-अच्छे पहलवानों को पछाड़ देते हैं। कमजोर से कमजोर विद्यार्थी भी निरंतर अभ्यास करने पर अच्छे अंक प्राप्त करते पाए जाते हैं। पशुओं को सिखा कर उनसे मनचाहा काम लिया जाता है। अभ्यास से ही बैल हल खींचते हैं और घोड़े, सवारी के काम लायक बनाए जाते हैं। इसीलिए अभ्यास के बारे में 'करत करत अभ्यास के, जड़ मति होत सुजान। रसरी आवत - जात से सिल पर परत निशान' कहावत कही जाती है।


2."सफलता मिलने पर मिलने वाली बधाइयों का प्रभाव"


   जीवन में सफलता मिलना बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे अवसर  जीवन में बहुत कम आते हैं सफलता मिलना कठिन परिश्रम का पुरस्कार होता है। इसमें सफल होने वाले व्यक्ति का मनोबल बढ़ाता है। उसे और परिश्रम करने तथा और अधिक आगे बढ़ने का हौसला मिलता है।


    ऐसे समय में हीतैषियो और मित्रों की बधाई मिलना उनके लिए बड़े काम का होता है। इससे उनका उत्साह दुगुना हो जाता है। उसे और भी कुछ नया कर गुजरने का उत्साह मिलता है। इस प्रकार का उत्साह उसके प्रयास में बहुत सहायक होता है। यहां उनके लिए एक तरह 'मोरल सपोर्ट' का काम करता है।

     बधाइयां किसी द्वारा किए गए सूझ-बूझ और कठिन परिश्रम के परिणाम स्वरूप प्राप्त सफलता की प्रशंसा के रूप में होती है। इसीलिए हमें ऐसे अवसर पर बधाइयां देने में नहीं चूकना चाहिए।


3."समाचार लेखन के बारे में अपने विचार"



         समाचारपत्रों में समाचार लेखन का बड़ा महत्व होता है। देश में नित्य प्रति नई-नई अच्छी बुरी घटनाएं घटती रहती है। एक ही घटना को अलग-अलग समाचार पत्रों में अपने-अपने ढंग से लिखा जाता है। पाठक किसी अखबार में छपी इस घटना के बारे में देखकर अखबार पटक देता है। तो किसी अखबार में छपी उसी घटना को पूरी पूरी पढ़ जाता है। ऐसा रोचक घटना में समाचार पत्रों को  लिखे जाने के कारण होता है। समाचार लिखना एक कला है। अनुभवी पत्रकार समाचार पत्र कुछ ऐसा प्रकाशित दिखते हैं जो पाठक को बांधकर रखता है। वह पाठक की नस नस से परिचित होते हैं। उन्हें पता होता है कि पाठक कम समय में और क्रमवार किसी घटना के बारे में रोचक ढंग से जान लेना चाहता है। अच्छा पत्रकार समाचार को इन बातों को ध्यान में रखकर लिखता है।


*परोपकार* और *भौतिक विकास के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याएं* पर अपने "विचार"


 1."परोपकार"


     हमारे साथ तुम्हें परोपकार को बहुत महत्व दिया गया है। पेड़ों का फल देना तथा नदियों का अपना जल लुटाना परोपकार का एक रूप है। इसी तरह अनेक संपन्न व्यक्ति जरूरतमंद व्यक्ति के गाढे़ समय उनकी मदद के लिए आगे आते हैं। समाज में अमीर गरीब हर प्रकार के लोग होते हैं। ऐसे अनेक लोग हैं, जिन्हें भरपेट भोजन भी नहीं मिलता। कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके पास अकूत धन है। गरीब- गरीबों की भूख मिटाने के लिए काम करना और उनकी सहायता करना परोपकार है। हमारे देश में अनेक अस्पताल अपनी शिक्षा संस्थाएं परोपकार व्यक्तियों के दान में चल रहे हैं। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की सहायता के लिए अनेक संस्थाएं काम कर रही है।

      उनका संचालन दान अथवा सहायता के रूप में प्राप्त धन से हो रहा है। हर युग में समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए परोपकारीयों का सहयोग प्राप्त होता रहा है। कहा गया है कि वृक्ष अपना फल स्वयं नहीं खाता, नदी अपना जल स्वयं नहीं पीती। इसी तरह सज्जन (संपन्न) व्यक्तियों का धन भी परोपकार के लिए होता है।





2."भौतिक विकास के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याएं"


       एक समय था जब धरती का बहुत बड़ा भाग घने जंगलों से ढका हुआ था। परंतु समय के साथ बड़ी जनसंख्या, शहरीकरण, औद्योगिक विकास, के कारण वनों को बहुत तेजी से काटा गया हजारों - लाखों वर्षों से सचित वन  संपत्ति को हमने समाप्त कर दिया है।


        आए दिन बढ़ते उद्योग - धंधों के परिणाम स्वरुप वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी जहरीली गैस बढ़ती जा रही है। ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। हवा में अवाछित गैसें की उपस्थिति से मनुष्य को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे दमा, खांसी, त्वचा संबंधी रोग उत्पन्न ना हो रहे हैं। वायु प्रदूषण के कारण जीवन परिवर्तन आयु वर्षीय रोग तथा त्वचा के कैंसर के खतरे बढ़ रहे हैं वायु प्रदूषण से अम्लीय वर्षा के खतरे बड़े हैं। क्योंकि बारिश के पानी से सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, जैसी जहरीली गैस के भूलने की संभावना बढ़ती है।

       

"विकलांग सपना" Motivational Story

                                                                             Title: " विकलांग सपना " बहुत समय पहले की बात...